सुप्रीम कोर्ट ने आरोपपत्रों को सार्वजनिक करने की मांग वाली जनहित याचिका पर फैसला सोमवार को सुरक्षित रख लिया। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह जल्द ही अपना फैसला सुनाएगी। पीठ ने हालांकि मौखिक टिप्पणी में कहा, यदि मामले से असंबद्ध लोगों जैसे विभिन्न निकायों और गैर सरकारी संगठनों को एफआईआर दी जाती है, तो इसका दुरुपयोग हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने नवलखा की नजरबंदी 17 फरवरी तक बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट ने एलगार परिषद मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा की घर पर नजरबंदी को 17 फरवरी तक बढ़ा दिया। नवलखा पर माओवादियों और आईएसआई से संबंधों का भी आरोप है। जस्टिस केएम जोसेफ एवं जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू के मौजूद नहीं होने के कारण मामले को स्थगित कर दिया। संक्षिप्त सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि नवलखा की घर पर नजरबंदी ठीक चल रही है।
व्यापमं घोटाला : खुलासा करने वाले राय की अर्जी पर सरकार को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम मामले में गिरफ्तार व्यापमं घोटाले का खुलासा करने वाले डॉ. आनंद राय की जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद राय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से 13 जनवरी तक जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने सोमवार को नोटिस जारी कर मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।