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2020 Delhi Riots: BJP बोली- कांग्रेस माफी मांगे, आरोपियों के परिजनों की भी प्रतिक्रिया; जानिए किसने क्या कहा?

Mon, 05 Jan 2026 01:21 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगे मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। इस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे कांग्रेस के मुंह पर तमाचा बताया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इन आरोपियों को मासूम बताकर बचा रही थी। उन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
 
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उमर खालिद और शरजील इमाम को नहीं मिली जमानत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। पार्टी ने इसे कांग्रेस के लिए एक करारा तमाचा बताया और मांग की कि विपक्षी दल को 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का समर्थन करने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा ने खालिद और इमाम को भारत को विभाजित करने वाली ताकतों का पोस्टर बॉय करार दिया। पार्टी ने दावा किया कि कांग्रेस का पूरा तंत्र इन आरोपियों को बचाने के लिए उन्हें मासूम पीड़ितों के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा था।

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अन्य पांच को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में खालिद और इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। हालांकि, न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और एन वी अंजारी की पीठ ने इसी मामले में कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी।

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क्या बोली भाजपा?
मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर "सत्यमेव जयते (सत्य की ही जीत होती है)" लिखा। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है, जिससे साबित होता है कि प्रथम दृष्टया आरोप सही हैं।" पूनावाला ने कहा कि "कांग्रेस को अफजल से लेकर उमर और शरजील तक टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।"

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस फैसले को राहुल गांधी और कांग्रेस के तंत्र के मुंह पर करारा तमाचा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने "टुकड़े-टुकड़े गैंग के पोस्टर बॉय उमर खालिद और शरजील इमाम को निर्दोष बताकर पेश किया"। उन्होंने कहा कि जनमत और कानून दोनों अदालतों में गांधी के "शहरी नक्सली" हार गए हैं।  भंडारी ने कहा, "क्या कांग्रेस भारत के दुश्मन टुकड़े-टुकड़े ताकतों को पीड़ितों के रूप में पेश करने के लिए देश से माफी मांगेगी?"

क्या बोले अन्य बीजेपी नेता?
मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "हम उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने के अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं। दिल्ली में आग लगाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका समर्थन करने वाली राजनीतिक पार्टियां भी सजा की पात्र हैं।" वहीं मामले को लेकर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, "जमानत खारिज कर दी गई है। शुरू से ही यह साफ था कि दिल्ली दंगे एक सोची-समझी साजिश के तहत किए गए थे। इन्हें पूरी तैयारी के साथ अंजाम दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस बात की पुष्टि करता है।"

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोले पीड़ित के पिता?
वहीं दिल्ली दंगों में जान गंवाने वाले राहुल सोलंकी के पिता हरि सोलंकी ने कहा, "मैं दो लोगों को जमानत न देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि पांच लोगों को जमानत देना उन लोगों को मौत की सजा देने जैसा है जिन्होंने दंगों में अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया। हम चाहते हैं कि उन्हें मौत की सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसे दंगे दोबारा न हों।" 

वकील ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर गुलफिशा के वकील सरिम जावेद ने कहा, "हमें खुशी है कि आज पांच लोगों को जमानत मिल गई है। वे साढ़े पांच साल बाद जेल से बाहर आ रहे हैं। उमर खालिद और शरजील इमाम को एक साल बाद जमानत के लिए आवेदन करने की छूट दी गई है। अदालत ने पुलिस और ट्रायल को मामले की तेजी से सुनवाई करने का निर्देश दिया है और सभी गवाहों से एक साल के भीतर पूछताछ की जानी है" 
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क्या बोली शिफा की पत्नी?
वहीं मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर शिफा उर रहमान और चार अन्य को जमानत दिए जाने पर शिफा की पत्नी ने कहा, "हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं और वकीलों को धन्यवाद देते हैं। उम्मीद है उमर खालिद और शरजील इमाम को भी जल्द से जल्द जमानत मिल जाएगी।"




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