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सुप्रीम कोर्ट ने पुलवामा हमले के पीछे की साजिश की जांच वाली याचिका खारिज की

Mon, 25 Feb 2019 11:51 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पुलवामा आतंकी हमला - फोटो : PTI
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उच्चतम न्यायालय ने 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के पीछे के कथित बड़े षड्यंत्र की जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ वकील विनीत धांडा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

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धांडा ने हमले के पीछे के व्यापक षड्यंत्र की जांच का अनुरोध किया था। हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए हैं। जनहित याचिका में कहा गया है कि हमले में करीब 370 किलोग्राम आरडीएक्स का उपयोग हुआ था और इसकी विस्तृत जांच किए जाने की जरूरत है।

दूसरी तरफ आज दिल्ली में आतंकी हमले को लेकर दिल्ली में एक बड़ी बैठक हो रही है। इस बैठक में तीनों सेनाओं- थल सेना, वायुसेना और नौसेना प्रमुखों के साथ रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की बैठक होगी। यह बैठक दो दिनों तक चलेगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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इस बैठक में विभिन्न देशों में तैनात 44 डिफेंस अटैची भी शिरकत करेंगे। इस बैठक के बाद रक्षा मंत्री और तीनों प्रमुख अपनी तैयारियों की जानकारी प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और वित्त मंत्री की उच्चस्तरीय बैठक में साझा करेंगे। उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय के पाकिस्तान के खिलाफ तैयार किए जा रहे डोजियर के साथ यह डिफेंस अटैची दुनिया के प्रमुख देशों के साथ पाकिस्तान के खिलाफ लामबंदी की योजना पर अमल करेंगे।

पुलवामा हमले के बाद विश्व बिरादरी में पाकिस्तान को अलग-थलग कर उसपर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है। भारत दुनिया के 44 अहम देशों में अपना डिफेंस अटैची रखता है। यह अटैची उस देश के साथ रक्षा संबंध बनाए रखने का काफी अहम और संवेदनशील काम को अंजाम देते हैं। ब्रिगेडिर और कर्नल रैंक के यह अटैची थल, जल और वायुसेना से चुने जाते हैं।

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