उच्चतम न्यायालय ने कोच्चि के तटीय क्षेत्र में बने मरदु फ्लैटों को तोड़ने के फैसले पर रोक की मांग करने वाली फ्लैट मालिकों की याचिका पर सुनवाई से सोमवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट ने फ्लैट मालिकों की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिन्होंने उस समिति की वैधता को भी चुनौती दी है जिसने मरदु फ्लैटों को तोड़ने का सुझाव दिया था।
उच्चतम न्यायालय ने गत शुक्रवार को कोच्चि के तटीय क्षेत्र पर बने मरदु फ्लैटों को केरल सरकार द्वारा दी गई समय सीमा के अनुसार 138 दिन में गिरा देने का आदेश दिया था। न्यायालय ने हर प्रभावित फ्लैट मालिक को चार सप्ताह में अंतरिम मुआवजे के तौर पर 25-25 लाख रुपए राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का भी आदेश दिया था।