जम्मू एवं कश्मीर में बनीहाल-कटरा रेल लिंक केअलाइनमेंट को दोषपूर्ण बताते हुए इस परियोजना पर रोक लगाने संबंधी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह सब देखना विशेषज्ञों का काम है, न कि हमारा। अदालत ने इस मामले में दखल देने से साफ तौर पर इनकार कर दिया।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीपीआईएल नामक संगठन द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में भी रेल लिंक के अलाइनमेंट को दोषपूर्ण बताया गया था। उन्होंने कहा है कि इस परियोजना को वर्ष 2007 में ही पूरा होना था लेकिन अब तक 30 फीसदी ही काम हुआ है।