सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों के धरने के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई नहीं करेगा। जस्टिस एसए नजीर और इंदु मल्होत्रा की पीठ ने याचिका को गर्मियों की छुट्टियों के बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
याची हरिनाथ राम की ओर से पेश वकील शशांक सुधी ने पीठ से कहा कि राजनिवास में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के अवैध धरने के कारण संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली में आपात स्थिति पैदा हो गई है। लोग जलसंकट का सामना कर रहे हैं। लिहाजा, तत्काल सुनवाई करते हुए धरने को अवैध घोषित किया जाए।
वकील के मुताबिक, सीएम दावा कर रहे हैं कि आईएएस अफसर हड़ताल पर हैं, जबकि उपराज्यपाल कार्यालय का कहना है कि अधिकारी अपने काम पर हैं। लिहाजा, शपथ लेकर झूठ बोलने के मामले में केजरीवाल या बैजल में किसी एक के खिलाफ मामला चलाया जाए। केजरीवाल आईएएस अधिकारियों की कथित हड़ताल के बहाने 11 जून से राजनिवास में धरने पर बैठे हैं।