पतंजलि को जमीन ट्रांसफर पर कैबिनेट की मुहर के बाद यमुना में लग रही इकाई से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 85 हजार लोगों को रोजगार का रास्ता साफ हो गया है। यहां पर चारदीवारी का काम चल रहा है। कुछ मशीनें आदि भी आ चुकी हैं। इस साल के अंत तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
दरअसल, सपा शासनकाल में नवंबर 2016 में पतंजलि को 455 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। यह जमीन यीडा के सेक्टर 24 व 24ए में दी गई। सेक्टर-22ई में संस्थागत भूखंड भी आवंटित किया गया।
430 एकड़ में कब्जा दिया जा चुका है। इसमें 300 एकड़ और 130 एकड़ के दोनों भूखंडों की चारदीवारी कराई जा रही है। लगभग 75 फीसदी काम पूरा भी हो गया है। अंदर सड़क बनाने का काम भी चल रहा है।
साइट पर काम कर रहे लोगों ने बताया कि जल्द ही यूनिट बनाने का भी काम शुरू होगा। इस यूनिट के चालू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 85 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा 25 एकड़ में पतंजलि का रिसर्च इंस्टीट्यूट बनना है। उसकी भी कागजी प्रक्रिया चल रही है। इसमें आयुर्वेद पर शोध भी होगा।