सुप्रीम कोर्ट ने चीनी वीडियो ऐप टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाने के मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले पर 22 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 22 तारीख इसलिए तय की है क्योंकि मद्रास उच्च न्यायालय में कल इस मामले पर सुनवाई होगी।
बता दें कि उच्चतम न्यायालय ‘टिक टॉक’ ऐप पर प्रतिबंध लगाने का केंद्र को निर्देश देने संबंधी मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका पर 15 अप्रैल को सुनवाई करने के लिए मंगलवार को राजी हो गया था। अदालत ने इस ऐप के जरिए अश्लील सामग्री तक पहुंच को लेकर व्याप्त चिंताओं के मद्देनजर यह निर्देश दिया है।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ चीनी कंपनी बाइटडांस की याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गई थी। इस कंपनी ने कहा था कि इस ऐप को एक अरब से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है और उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने एकतरफा आदेश दे दिया था।
उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने तीन अप्रैल को केंद्र को निर्देश दिया था कि मोबाइल ऐप्लीकेशन ‘टिक टॉक’ पर प्रतिबंध लगाए। उसने ऐसे ऐप्स के जरिए ‘अश्लील और अनुचित सामग्री’ उपलब्ध कराए जाने पर चिंता जताई थी।
उच्च न्यायालय ने मीडिया को टिक टॉक के साथ बनाए गए वीडियो क्लिप्स का प्रसारण नहीं करने का निर्देश भी दिया था। अदालत ने उस जनहित याचिका के आधार पर अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसमें इस आधार पर टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी कि इसमें कथित रूप से ऐसी सामग्री है जो 'संस्कृति का अपमान तथा अश्लील सामग्री को बढ़ावा’ देती है।