उच्चतम न्यायालय ने टीटीवी दिनाकरण के नेतृत्व वाले अम्मा मक्कल मुनेत्र कझग्म (एएमएमके) को फिलहाल ‘प्रेशर कुकर’ चुनाव चिह्न देने से गुरुवार को इंकार कर दिया।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने नौ मार्च, 2018 को निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि वह दिनाकरण नीत तत्कालीन अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े को एक नाम और समान चुनाव चिह्न जारी करे। यदि संभव हो तो उन्हें ‘प्रेशर कुकर’ चुनाव चिह्न दिया जाए।
न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय यदि चुनाव चिह्न से जुड़े मामले का निस्तारण चार सप्ताह के भीतर नहीं करता है तो निर्वाचन आयोग अदालत के नौ मार्च, 2018 के आदेश का अनुपालन कर सकता है।
पीठ ने कहा कि अगर चार सप्ताह के भीतर तमिलनाडु में रिक्त सीटों पर चुनाव की घोषणा हो जाती है तो निर्वाचन आयोग एक सप्ताह के भीतर दिनाकरण की पार्टी को चुनाव चिह्न दे सकता है।
शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के आदेश पर अपना पुराना आदेश भी रद्द कर दिया। न्यायालय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई. के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले धड़े की अर्जी पर यह आदेश दिया था।
दिनाकरण ने ‘प्रेशर कुकर’ चुनाव चिह्न की मांग करते हुए कहा कि चूंकि उन्होंने दिसंबर, 2018 में राधा कृष्ण नगर विधानसभा सीट से उपचुनाव इसी चिह्न पर जीता है,तो यह उन्हें ही मिलना चाहिए।