Manish Sisodia Case: उच्चतम न्यायालय ने मनीष सिसोदिया मामले में धन के लेन-देन के बारे में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से पूछताछ की। अदालत ने कहा कि हलफनामे में पैसे के लेन-देन के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है।
उच्चतम न्यायालय ने मनीष सिसोदिया मामले में धन के लेन-देन के बारे में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से पूछताछ की। अदालत ने कहा कि हलफनामे में पैसे के लेन-देन के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है।
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शीर्ष अदालत ने ईडी से अगली सुनवाई पर मनीष सिसोदिया मामले में पैसे के लेन-देन का विवरण देने को कहा। अदालत ने कहा कि अब तक दाखिल हलफनामों से पैसे का लेन-देन स्पष्ट नहीं है। अदालत ने कहा कि नीति तैयार करना सरकार का विशेषाधिकार है। मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।
सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े उन दो मामलों में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई चार सितंबर को करेगा। मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहे हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना तथा न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने सिसोदिया की पत्नी के चिकित्सकीय दस्तावेजों को देखा और कहा कि उनकी हालत काफी हद तक स्थिर है, इसलिए पीठ पूर्व उप मुख्यमंत्री की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर नियमित जमानत याचिकाओं के साथ ही गौर करेगी।
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मनीष सिसोदिया ने अपनी पत्नी की खराब सेहत के आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया है। उच्चतम न्यायालय ने 14 जुलाई को दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित दो मामलों में सिसोदिया की अंतरिम जमानत याचिकाओं पर सीबीआई और ईडी से जवाब दाखिल करने को कहा था।