सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आसाराम बापू के खिलाफ दर्ज रेप केस में सबूतों की रिकॉर्डिंग में हो रही देरी के लिए गुजरात पुलिस की खिंचाई की। इसके साथ ही अदालत ने पांच हफ्ते के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।
जस्टिस एनवी रमन और एस अब्दुल नजीर की पीठ ने जब ट्रायल की स्थिति पूछी तो अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
सिर्फ मुख्य गवाहों की जांच बाकी है। इस पर पीठ ने पूछा कि कितना समय लगेगा। मेहता ने जवाब दिया कि प्रक्रिया में दो से तीन महीने लगेंगे। इस पर अदालत ने कहा, ऐसा महीनों तक नहीं चल सकता। आप पांच हफ्ते में इसे पूरा करें। इसके साथ ही अदालत ने आसाराम की जमानत स्थगित कर दी।