शिवसेना पर अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज एक बार फिर से सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शिंदे गुट और उद्धव खेमा की तरफ से दलीलें दी गईं। दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे द्वारा 'असली शिवसेना' पार्टी के रूप में मान्यता देने और उसे 'धनुष और तीर' का चुनाव चिन्ह आवंटित करने के लिए दायर आवेदन पर गुरुवार तक कोई कार्रवाई न करे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पांच जजों की संविधान पीठ को सौंप दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब संविधान पीठ तय करेगी कि क्या स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लंबित हो तो वह अयोग्यता पर सुनवाई कर सकते हैं। पार्टियों के आंतरिक लोकतंत्र और उसमें चुनाव आयोग की भूमिका पर भी संविधान पीठ को विचार करे।