खुद को आरक्षित वर्ग अनुसूचित जाति का बता विधायक बनने वाले राजेंद्र सिंह सलूजा को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। सलूजा पर आरोप है कि वर्षों तक सामान्य वर्ग में रहने के बाद सलूजा ने फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए खुद को सांसी समुदाय का बता आरक्षण का लाभ उठाया।
न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ और अरुण मिश्रा की पीठ ने गुना के पूर्व विधायक सलूजा को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने पीठ के समक्ष कहा कि करीब चार दशक तक सलूजा सामान्य वर्ग की श्रेणी में था लेकिन अचानक उसने खुद को सांसी समुदाय का बताया। इतना ही नहीं इसका फायदा उठाकर वह विधायक भी बन गया।
सिख समुदाय के राजेन्द्र सिंह सलूजा ने वर्ष 2008 में मध्य प्रदेश के गुना विधानसभा सीट पर भारतीय जनशक्ति पार्टी से चुनाव लड़ा था। यह आरक्षित सीट थी। सलूजा ने खुद को सांसी (अनुसूचित जाति) समुदाय के प्रमाणपत्र का जुगाड़ किया था। इतना ही नहीं सलूजा ने चुनाव में जीत भी हासिल की। हालांकि, राशन कार्ड में वह सामान्य वर्ग के थे। बाद में इसे लेकर जांच बिठाई गई, जिसमें सलूजा पर लगे आरोप को सही पाया गया। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में सलूजा के खिलाफ अभियोग चलाने की गुहार की गई है।