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सुप्रीम कोर्ट: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन को राहत, अंतरिम जमानत नौ अक्तूबर तक बढ़ाई गई

Mon, 25 Sep 2023 04:43 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आरोपी सत्येंद्र कुमार जैन से कहा कि वह शीर्ष न्यायालय में लंबित कार्यवाही का इस्तेमाल निचली अदालत में मामले की सुनवाई में देरी कराने के लिए ना करें। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकायत की कि जैन निचली अदालत में बार-बार स्थगन का अनुरोध कर रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को चिकित्सा आधार पर दी गई अंतरिम जमानत आठ अक्तूबर तक बढ़ा दी। मामला न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। इसके बाद पीठ ने इसे नौ अक्तूबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आरोपी सत्येंद्र कुमार जैन से कहा कि वह शीर्ष न्यायालय में लंबित कार्यवाही का इस्तेमाल निचली अदालत में मामले की सुनवाई में देरी कराने के लिए ना करें। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकायत की कि जैन निचली अदालत में बार-बार स्थगन का अनुरोध कर रहे हैं।

पीठ ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि इस न्यायालय के समक्ष लंबित कार्यवाहियों या किसी भी कारण का इस्तेमाल बहाने के रूप में या निचली अदालत में कार्यवाहियां टालने के लिए नहीं किया जाए, लेकिन याचिकाकर्ता तत्परता से निचली अदालत की कार्यवाहियों में शामिल होंगे और मामले को आगे बढ़ने देंगे।
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इससे पहले आम आदमी पार्टी नेता की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत 25 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी थी। सत्येंद्र जैन की 21 जुलाई को सर्जरी हुई थी। चिकित्सा आधार पर दी गई अंतरिम जमानत समय-समय पर बढ़ाई गई है। शीर्ष अदालत ने 26 मई को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन को छह सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी थी।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि जैन प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा सकते हैं, लेकिन किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करेंगे। न ही दिल्ली के बाहर जाएंगे। कोर्ट ने उन्हें मीडिया से बात न करने और न ही बिना अनुमति के दिल्ली छोड़ने सहित कई शर्तें लगाईं थीं।

बता दें कि जैन 31 मई 2022 से हिरासत में थे। छह अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जहां से उन्हें 360 दिन बाद 42 दिन की जमानत मिली थी। इससे पहले 25 मई की सुबह आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन तिहाड़ जेल के वॉशरूम में फिसलकर गिर पड़े थे। जिसके बाद उन्हें दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती किया गया था। दोपहर में उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल (LNJP) में शिफ्ट कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। एक हफ्ते में यह तीसरा मौका था, जब जैन हॉस्पिटल पहुंचे थे। 

सत्येंद्र जैन पर मनी-लॉन्ड्रिंग का है मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 24 अगस्त 2017 को सीबीआई की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर को आधार बनाकर जैन के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू की थी। सत्येंद्र जैन ने 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 तक कई लोगों के नाम पर चल संपत्तियां खरीदी थीं। जिसका वे संतोषजनक हिसाब नहीं दे सके थे। उनके साथ पूनम जैन, अजित प्रसाद जैन, सनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।

कोर्ट म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य मामले में सुनवाई को सहमत
सुप्रीम कोर्ट गोवा सरकार और अन्य की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सोमवार को सहमत हो गया, जिसमें राज्य को म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य और इसके आसपास के क्षेत्रों को तीन महीने के अंदर बाघ रिजर्व अधिसूचित करने संबंधी बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने राष्ट्र बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और अन्य से याचिका पर जवाब मांगा। म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य 208 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह कर्नाटक से लगे राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है।
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नीट-पीजी 2023 से जुड़ी याचिका पर विचार करने से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातकोत्तर (एनईईटी-पीजी) 2023 काउंसलिंग के लिए कट ऑफ क्वालिफाइंग परसेंटाइल को घटाकर शून्य करने के खिलाफ याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इस कदम से परीक्षा में शामिल होने वाले सभी लोग काउंसलिंग के लिए जा सकेंगे।
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