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Supreme Court: केजरीवाल को मिली राहत, उत्तर प्रदेश में दिल्ली सीएम के खिलाफ कार्यवाही पर रोक बरकरार

Tue, 13 Feb 2024 02:11 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केजरीवाल पर जन प्रतिनिधित्व (आरपी) अधिनियम, 1951 की धारा 125 के तहत चुनावों के संबंध में वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। केजरीवाल ने दो मई 2014 को प्रचार अभियान के दौरान कथित तौर पर कहा था, 'जो कांग्रेस को वोट देगा, ... देश के साथ गद्दारी होगी... जो भाजपा को वोट देगा उसे खुदा भी माफ नहीं करेगा।' 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कार्यवाही पर अंतरिम रोक की अवधि मंगलवार को बढ़ा दी। केजरीवाल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के उस आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है, जिसने सुल्तानपुर की एक ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले में केजरीवाल को आरोप मुक्त करने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी की पीठ ने केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई की। 
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क्या हैं केजरीवाल पर आरोप
केजरीवाल पर जन प्रतिनिधित्व (आरपी) अधिनियम, 1951 की धारा 125 के तहत चुनावों के संबंध में वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। केजरीवाल ने दो मई 2014 को प्रचार अभियान के दौरान कथित तौर पर कहा था, 'जो कांग्रेस को वोट देगा, ... देश के साथ गद्दारी होगी... जो भाजपा को वोट देगा उसे खुदा भी माफ नहीं करेगा।' केजरीवाल ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने किसी धर्म या जाति का नहीं बल्कि केवल एक राजनीतिक दल का जिक्र किया था और जन प्रतिनिधि अधिनियम की धारा 125 के प्रयोजनों के लिए किसी राजनीतिक दल को नागरिकों का एक वर्ग नहीं माना जा सकता है।

कर्ज की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कही यह बात
केंद्र ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह राज्य द्वारा कर्ज की अधिकतम सीमा पर विवाद को सुलझाने के लिए केरल सरकार के साथ चर्चा और बातचीत के लिए तैयार है। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ को बताया कि केंद्र इस मुद्दे पर केरल के साथ बैठक करने के लिए सहमत है। केरल सरकार पर कर्ज सीमा लगाकर राज्य के वित्त को विनियमित करने के लिए उसकी 'विशेष, स्वायत्त और पूर्ण शक्तियों' के प्रयोग में हस्तक्षेप करने का केंद्र पर आरोप लगाया गया है। 

माओवाद से जुड़े 2007 के मामले पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है, जिसमें 2007 में एक व्यक्ति पर हमले के मामले में सीपीआई (माओवादी) के पांच कथित सदस्यों की दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर दिया गया था। बिहार के सारण जिले में जिस घर में तीन लोगों की मौत हो गई। पीठ ने बिहार सरकार और उन पांच आरोपियों को नोटिस जारी किया, जिन्हें मामले में पिछले साल 15 सितंबर को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था।

गुजरातियों का समुदाय के रूप में बहुत सम्मान: तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा कि वह गुजरातियों को एक समुदाय के रूप में बहुत सम्मान देते हैं और उनके प्रति उनके मन में कोई दुर्भावना या द्वेष नहीं है। महात्मा गांधी के रूप में गुजरात ने मानव जाति को सबसे बड़ा उपहार दिया है। एक समुदाय के रूप में गुजरातियों को बदनाम करने का उनका कोई इरादा नहीं था। यादव ने कहा कि उन्होंने यह टिप्पणी 22 मार्च, 2023 को की थी जब पत्रकारों ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस को कथित तौर पर रद्द करने पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी थी।
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सीजेआई ने एनसीआर में ट्रैफिक जाम पर लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने किसान आंदोलन के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बड़े पैमाने पर यातायात बाधित होने के मामले पर मंगलवार को संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि अगर वकील यातायात में फंस जाते हैं तो उनके साथ सहयोग किया जाएगा। जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला एवं जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने दिन की कार्यवाही की शुरुआत में वकीलों से कहा कि अगर किसी को यातायात की स्थिति के कारण कोई समस्या होती है, तो हम समायोजन कर लेंगे।
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