भीमा कोरेगांव मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोपी आनंद तेलतुंबडे को जमानत देने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ NIA ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार यानी 25 नवंबर को सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने एनआईए की याचिका को खारिज कर दिया।
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 18 नवंबर को भीमा कोरेगांव मामले के आरोपी आनंद तेलतुंबडे को जमानत दे दी थी। उन्हें एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई थी। एनआईए के सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के लिए आदेश पर रोक लगा दी थी।
पीएम मोदी
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संविधान दिवस समारोह में शामिल होंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में आयोजित संविधान दिवस समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे ई-न्यायालय परियोजना के तहत कई पहलों की शुरुआत भी करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को एक बयान में यह जानकारी दी। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था, जिसके उपलक्ष्य में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। संविधान दिवस मनाने की शुरुआत 2015 में हुई थी।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़
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संविधान दिवस समारोह में CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कही यह बात
दिल्ली में संविधान दिवस समारोह में CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आने वाले सप्ताह से सुप्रीम कोर्ट की प्रत्येक पीठ 10 जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इस दौरान 10 स्थानांतरण याचिकाओं को भी सुना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में लगभग 3000 स्थानांतरण याचिकाएं लंबित हैं।
दिल्ली में CJI ने कहा कि अभी हमारी 13 पीठें काम कर रही हैं। हमारा प्रयास है कि शीतकालीन अवकाश से पहले प्रतिदिन 130 स्थानांतरण याचिकाओं का निस्तारण किया जाए। शीर्ष कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जमानत के मामले भी सूचीबद्ध हों और शीघ्रता से निपटाए जाएं।
उन्होंने कहा कि संविधान का काम करना इस बात पर निर्भर करता है कि जिला न्यायपालिका कैसे काम कर रही है। जब हम संविधान का जश्न मनाते हैं, तो हमें संविधान को अपनाने से पहले के इतिहास के बारे में जागरूक होना चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक का नाम बदलने की मांग करने वाली याचिका की खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक का नाम बदलने की मांग करने वाली एक याचिका खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा है कि याचिका कर्ता की दलीलें तुच्छ औ बेतुकी हैं। यह एक नीतिगत मामला और ऐसे मामलों पर सुनवाई नहीं हो सकती है। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने याचिकाकर्ता से पूछा कि पंजाब नेशनल बैंक का क्या नाम दिया जाए। आप कल को बैंक ऑफ बड़ौदा का नाम बदलने की मांग भी कर सकते हैं। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने याचिकाकर्ता से कहा कि काम बदलने का ऐसा आदेश पारित करने वाले हम कौन होते हैं? कल को आप ये कहेंगे कि भारतीय किक्रेट टीम का ही नाम बदल दिया जाए। कोर्ट ने कहा यह बिल्कुल तुच्छ और आधारहीन याचिका है, इसे हम खारिज करते हैं।
Supreme Court
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एएफटी में 23 सदस्यों की नियुक्ति का मामला
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को शुक्रवार को बताया कि इस महीने की शुरुआत में सशस्त्र बल अधिकरण (एएफटी) में 23 सदस्यों की नियुक्ति की जा चुकी हैं, जिनमें 11 न्यायिक सदस्य शामिल हैं। इसके बाद शीर्ष कोर्ट ने एएफटी में रिक्त पदों को भरने के लिए 2016 में स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई कार्यवाही बंद कर दी। जस्टिस एमआर शाह और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ ने 15 नवंबर को अधिकरण में 11 न्यायिक सदस्यों और 12 प्रशासनिक सदस्यों को नियुक्त करने वाली केंद्र की अधिसूचना को रिकॉर्ड पर ले लिया।
नोटबंदी
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नोटबंदी में शामिल अधिकारियों की जांच से जुड़ी याचिका पर विचार नहीं
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य करार देने के केंद्र के आठ नवंबर 2016 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं में हस्तक्षेप संबंधी एक अर्जी पर विचार करने से इनकार कर दिया। जस्टिस एसए नजीर की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह अपनी याचिका के साथ बंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाए। याचिका में नोटबंदी की कवायद के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग की गई है।
सु्प्रीम कोर्ट
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जज को बदनाम करने पर याचिकाकर्ता को कारण बताओ नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक याचिकाकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा कि शीर्ष अदालत के एक न्यायाधीश को बदनाम करने के लिए उस पर आपराधिक अवमानना का मुकदमा क्यों न चलाया जाए। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने एक याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के खिलाफ निंदनीय आरोप लगाने के बाद यह निर्देश जारी किया।
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने सेवा मामले में न्यायाधीश को आतंकवादी करार दिया। जस्टिस हिमा कोहली ने पूछा कि याचिकाकर्ता की सेवा मामले में जज की क्या दिलचस्पी होगी। सीजेआई ने कहा, वह उस पर आपराधिक अवमानना का मुकदमा चलाने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद याचिकाकर्ता ने कोर्ट से क्षमायाचना की। इसपर अदालत ने कहा कि यह आकलन करने के लिए कि माफी वास्तविक है या नहीं, याचिकाकर्ता को अपने आचरण को साबित करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया जाता है।
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सात मछुआरों व दो अन्य को मिलेगा 5-5 लाख रुपये मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट ने दो इतालवी नौसैनिकों के गोलीबारी मामले में अपने 15 जून 2021 के फैसले में संशेाधन कर सात मछुआरों और दो अन्य के कानूनी उत्तराधिकारियों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश सुनाया। फरवरी 2012 में केरल तट पर इतालवी नौसैनिकों ने मछुआरों की नाव पर गोलीबारी की थी। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने सात प्रभावित मछुआरों की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, इटली सरकार की ओर से नाव व उसमें सवार लोगों को हुए नुकसान के लिए पूर्व में दिए गए 2 करोड़ रुपये में से 1.55 करोड़ रुपये कप्तान-सह-नाव के मालिक, फ्रेडी को दिए जाएंगे।
शीर्ष अदालत ने इटली सरकार की ओर से मृतक मछुआरों के लिए 10 करोड़ रुपये का भुगतान करने के बाद पिछले साल इस मामले का निपटारा कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि उसकी रजिस्ट्री के पास जमा की गइ्र 10 करोड़ रुपये केरल हाईकोर्ट को सौंपे जाएंगे। इसमें से चार-चार करोड़ रुपये दोनों मृतकों के उत्तराधिकारियों को और दो करोड़ रुपये ‘सेंट एंथनी’ नाव के मालिक को दिए जाएंगे। घटना वाले दिन नाव मालिक व एक नाबालिग समेत कुल 12 मछुआरे उस नाव पर सवार थे। इनमें से दो की मौत हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आतंकी गतिविधियों में शामिल सलीम खान को नोटिस जारी किया है, साथ ही चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस केंद्र सरकार द्वारा कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर जारी किया है, जिसमें सरकार ने सलीम खान को जमानत देने के हाईकोर्ट के फैसले का विरोध किया था।
दरअसल, अल-हिंद समूह के एक कथित सदस्य सलीम खान पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें कहा गया था कि वह आतंकी गतिविधियों में शामिल है। जिसके बाद सलीम खान ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक जमानत याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने अप्रैल 2020 में जमानत देने का आदेश दिया था।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सलीम जिस समूह से जुड़ा था वह प्रतिबंधित संगठन नहीं था। ऐसे में उस संगठन की बैठकों में भाग लेना, प्रशिक्षण खरीदना सामग्री और सह-सदस्यों के लिए आश्रयों का आयोजन एक अपराध नहीं है। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।
एलटीसी घोटाले में पूर्व सांसद अनिल सहनी को राहत नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एलटीसी (अवकाश एवम यात्रा भत्ता) घोटाले में दोषी ठहराए गए पूर्व राज्यसभा सदस्य अनिल कुमार सहनी की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सहनी को विधायक से भी अयोग्य ठहरा दिया गया था। वह राजद से विधायक थे।
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने सहनी को किसी तरह से राहत देने से इन्कार करते हुए कहा कि एक सांसद के खिलाफ फर्जी यात्रा भत्ता का मामला उचित नहीं है। पीठ के समक्ष सहनी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आर बसंत ने कहा कि उनके मुवक्किल ने ऐसा नहीं किया था।
उनके कार्यालय में कई कर्मचारी होते हैं, उन्हीं का यह काम था। उनके मुवक्किल सिर्फ हस्ताक्षर करते थे, लेकिन पीठ उनकी दलीलों से संतुष्ट नहीं हुई और दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। गत अगस्त में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने सहनी व अन्य को इस घोटाले में दोषी ठहराया था।