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सुप्रीम कोर्ट: मौत की सजा से जुड़ी याचिका संविधान पीठ को भेजी, शाहनवाज के खिलाफ अर्जी 23 को सुनेगी अदालत

Mon, 19 Sep 2022 09:35 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीफ जस्टिस उदय उमेश ललित की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि उनका मानना है कि इस मामले में एक वृहद पीठ द्वारा सुनवाई किए जाने की आवश्यकता है।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मौत की सजा के प्रावधान वाले मामलों में दिशा-निर्देश जारी करने की मांग वाली याचिका को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को सौंप दिया। कोर्ट को यह तय करना है कि मौत की सजा के प्रावधान वाले मामलों में अपराध की गंभीरता कम करने वाली संभावित परिस्थितियों पर कब और कैसे विचार किए जा सकता है? इस संबंध में दिशा-निर्देश बनाने से जुड़ी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को सौंप दी।

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चीफ जस्टिस उदय उमेश ललित की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि उनका मानना है कि इस मामले में एक वृहद पीठ द्वारा सुनवाई किए जाने की आवश्यकता है। इस बारे में स्पष्टता एवं एकरूपता आएगी। इससे यह साफ हो सकेगा कि मृत्युदंड के प्रावधान वाले मामलों के आरोपी के अपराध की गंभीरता कम करने वाली परिस्थतियों के संबंध में कब सुनवाई किए जाने की जरूरत है।

जस्टिस एस रवींद्र भट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इस संबंध में आदेश के लिए इस मामले को प्रधान न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाए। कोर्ट ने 17 अगस्त को कहा था कि मृत्युदंड अपरिवर्तनीय है इसलिए अभियुक्त को राहत संबंधी परिस्थितियों पर सुनवाई का हर अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि अदालत यह निर्णय ले सके कि संबंधित मामले में मृत्युदंड वांछित नहीं है।

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शाहनवाज हुसैन - फोटो : PTI (File Photo)
शाहनवाज हुसैन की याचिका पर 23 सितंबर को सुनवाई 
शीर्ष कोर्ट दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली एक महिला की शिकायत पर भाजपा के नेता शाहनवाज हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से संबंधित दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका पर 23 सितंबर को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस उदय उमेश ललित, जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस एस. रवींद्र भट की पीठ ने शिकायतकर्ता महिला के वकील के अनुरोध पर संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से जुड़े दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अमल पर रोक लगा दी थी।
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