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SC Updates: क्या इस्लाम न मानने पर शरीयत लागू? कोर्ट करेगा परीक्षण; उत्तराखंड दावानल पर तत्काल सुनवाई की अपील

Mon, 29 Apr 2024 04:17 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दो बड़े मामलों में तत्काल सुनवाई की मांग की गई। इनमें एक मामला उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग से जुड़ा है। दरअसल, कोर्ट में एक याचिका का जिक्र करते हुए जंगल की आग के मुद्दे पर तुरंत सुनवाई का आग्रह किया गया। इस पर कोर्ट ने वकील से एक ईमेल भेजने को कहा और इस पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस पर वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जंगल की आगों को लेकल पिछले चार वर्षों से तीन याचिकाएं लंबित हैं। 
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दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के बीरभूम से लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से प्रत्याशी बनाए गए देबाशीष धर ने अपना पर्चा खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है। देबाशीष की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने की बात कही है।

इस्लाम न मानने वाले पर शरीयत लागू हो या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा परीक्षण
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई है कि जो व्यक्ति मुस्लिम पैदा हुआ था लेकिन आस्तिक नहीं है, वह शरीयत कानून से शासित नहीं होगा। याचिका केरल की सफिया पीएम नाम की एक महिला ने दायर की है। महिला का कहना है कि वह आस्तिक नहीं है और इसलिए विरासत के संबंध में मुस्लिम पर्सनल लॉ की बजाय भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 से शासित होना चाहिए।
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महिला की अर्जी पर केंद्र और केरल सरकार को जारी किया नोटिस
सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने विस्तृत चर्चा के बाद इसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए याचिका पर केंद्र और केरल राज्य को नोटिस जारी करने का फैसला किया। पीठ ने अटॉर्नी जनरल से एक कानून अधिकारी को नामित करने का अनुरोध किया जो न्यायालय की सहायता कर सके। अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी। सुनवाई की शुरुआत में पीठ ने याचिकाकर्ता के प्रस्ताव पर आपत्ति व्यक्त की कि एक गैर-आस्तिक व्यक्ति शरीयत अधिनियम से शासित नहीं होगा। 

सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका पर सुनवाई छह मई तक स्थगित
उच्चतम न्यायालय ने धन शोधन मामले में पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका पर सुनवाई सोमवार को छह मई तक के लिए स्थगित कर दी।निदेशालय की ओर से पेश एक वकील ने इस आधार पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।

निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की जमानत याचिका खारिज
उच्चतम न्यायालय ने झारखंड कैडर की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की धन शोधन के एक मामले में जमानत याचिका सोमवार को यह कहते हुए खारिज कर दी कि यह एक ‘‘असाधारण मामला’’ है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की निलंबित अधिकारी को जमानत देने से इनकार करने के झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष के 17 गवाहों में से प्रवर्तन निदेशालय ने 12 से जिरह की है और उम्मीद है कि इस मामले में सुनवाई जल्द ही पूरी की जाएगी।

वीपीपैट पर्चियों के मिलान से जुड़ी याचिका खारिज
उच्चतम न्यायालय ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल कर डाले गए मतों के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान करने का मुद्दा उठाने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि शीर्ष अदालत की एक समन्वय पीठ ने पिछले सप्ताह इस मुद्दे पर फैसला दिया था। पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा, ''एक समन्वय पीठ पहले ही अपना विचार व्यक्त कर चुकी है।"

नफरती भाषण : अन्नामलाई के खिलाफ सुनवाई पर रोक बढ़ी

सुप्रीम कोर्ट ने अक्तूबर 2022 में ईसाइयों के खिलाफ कथित तौर पर नफरत भरा भाषण देने के लिए तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की सुनवाई पर पहले दी गई रोक को बढ़ा दिया। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने अपने स्थगन आदेश की अवधि बढ़ाते हुए शिकायतकर्ता को छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। इस मामले में अब 9 सितंबर को सुनवाई होगी। 

नीट पीजी इंटर्नशिप कट-ऑफ तारीख बढ़ाने वाली याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2024 परीक्षा के लिए इंटर्नशिप कट-ऑफ बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इन्कार कर दिया है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला व जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने याचिकाकर्ता की दलील को खारिज करते हुए कहा कि कट-ऑफ का मतलब ही यह होता है कि कुछ लोग इस विशेष रेखा पार होंगे और कुछ नहीं। याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि उन्हें कट ऑफ में रियायत नहीं मिलने से उम्मीदवार के तौर किए गए प्रयासों और दिए गए समय का नुकसान होगा। राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) पीजी में उपस्थित होने के लिए इंटर्नशिप की कट-ऑफ तिथि 15 अगस्त है। याचिकाकर्ता इसे बढ़ाना चाहते थे, ताकि उनकी इंटर्नशिप पूरी हो जाए और वे नीट-पीजी के पात्र हो जाएं। 

कॉलेजियम प्रणाली खत्म करने वाली याचिका पर सुनवाई नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति करने वाली कॉलेजियम प्रणाली को खत्म करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से मना कर दिया। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने वकील मैथ्यूज नेदुम्परा की दलील पर गौर किया कि कॉलेजियम प्रणाली को खत्म करने की मांग वाली उनकी रिट याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना है। वकील मैथ्यूज नेदुम्परा ने कहा, मैंने कई बार इसका उल्लेख किया है। रजिस्ट्री ने इसे खारिज कर दिया है और मेरी याचिका सूचीबद्ध नहीं की जा रही है।
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सूखा प्रबंधन के लिए कर्नाटक को जारी किए 3,400 करोड़

केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कर्नाटक में सूखा प्रबंधन के लिए राज्य सरकार को लगभग 3,400 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। जस्टिस बीआर गवई व जस्टिस संदीप मेहता की पीठ कर्नाटक सरकार की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें सूखा प्रबंधन के लिए राज्य को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से वित्तीय सहायता जारी करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की अपील की गई थी। कर्नाटक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य का अनुरोध 18,000 करोड़ रुपये की सहायता के लिए था।
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