शिमला विकास योजना को मिली सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी
पारिस्थितिक तंत्र को लेकर कायम चिंताओं के साथ संतुलित ढंग से विकास की जरूरत पर जोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 22450 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित शिमला विकास योजना 2041 को लागू करने की अनुमति दे दी। योजना लागू होने पर कुछ शर्तों के साथ 17 ग्रीन बेल्ट में निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। योजना का उद्देश्य शहर में निर्माण गतिविधियों को विनियमित करना है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार 20 जून 2023 को प्रकाशित विकास योजना पर आगे बढ़ सकती है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के पिछले आदेशों को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि राज्य सरकार और उसकी अथॉरिटी को किसी विशिष्ट तरीके से विकास योजना बनाने का निर्देश देना न्यायाधिकरण के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।