धारा 377 की वैधानिकता पर सुप्रीम कोर्ट ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि समलैंगिकता अपराध नहीं है। कोर्ट ने कहा कि देश में सबको समानता का अधिकार है। समाज को अपनी सोच बदलने की जरूरत है।
मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, कोई भी अपने व्यक्तित्व से बच नहीं सकता है। समाज में हर किसी को जीने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि एलजीबीटी समुदाय को हर वो अधिकार प्राप्त हैं जो देश के किसी आम नागरिक को मिले हैं। हमें एक दूसरे के अधिकारों का आदर करना चाहिए और पुरानी धारणाओं को बदल कर नई सोच अपनाने की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कई नेताओं और बड़े लोगों के ट्वीट्स आने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया है 'एक पुराना औपनिवेशिक कानून, जो आज के आधुनिक समय में एक अनाचारवाद था, अब खत्म हो गया। यह एक उदार, सहिष्णु समाज की दिशा में बढ़ता हुआ कदम है।'
वहीं, शशि थरूर ने ट्वीट करते हुए कहा 'यह जानकर बहुत प्रसन्नता हुई कि सुप्रीम कोर्ट ने निजी तौर पर यौन कृत्यों को अपराधी बनाने के खिलाफ फैसला सुनाया है। यह निर्णय धारा 377 और गोपनीयता, गरिमा और संवैधानिक स्वतंत्रता के समान आधार पर मेरे स्टैंड को सही साबित करता है। यह उन भाजपा सांसदों को शर्मिंदा करता है जिन्होंने लोकसभा में मेरा जोरदार विरोध किया था।'