सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को लोक इंसाफ पार्टी के नेता और पंजाब के विधायक सिमरजीत सिंह को एक कथित दुष्कर्म मामले में गुरुवार तक गिरफ्तारी से राहत प्रदान की है। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण और न्यायाधीश एएस बोपन्ना व हिमा कोहली की पीठ ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि बैंस को गुरुवार तक गिरफ्तार न किया जाए और मामले की अगली सुनवाई गुरुवार के लिए तय कर दी।
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बैंस ने लुधियाना की एक अदालत के आदेश को चुनौती दी है जिसने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यह वारंट इसलिए जारी किया गया था क्योंकि वह दुष्कर्म के एक मामले में पेश नहीं हुए थे। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बैंस की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि बैंस के खिलाफ लगाए गए दुष्कर्म के आरोप निराधार हैं और इसके खिलाफ एक याचिका हाईकोर्ट में लंबित है।
पीठ ने कहा कि बैंस विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार हैं। उन्हें चुनाव लड़ने दीजिए और फिर गिरफ्तार कीजिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में कोई आदेश जारी नहीं किया है। बता दें कि बैंस तीन बार विधायक रह चुके हैं।