दवाओं का स्टोरेज करने की आरोपी डॉक्टर को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत
सुप्रीम कोर्ट ने बिक्री के लिए दवाओं का भंडारण करने की आरोपी महिला चिकित्सक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा बुधवार को खारिज कर दिया। इस दौरान अदालत ने कहा कि जब्त की गयी दवा की मात्रा बेदह कम है। इतनी मात्रा में दवाएं किसी भी चिकित्सक के घर या उसके परामर्श कक्ष में आसानी से पाई जा सकती हैं। ऐसे में महज कल्पना के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि बिक्री के लिए इनका भंडारण किया गया होगा। इनमें से ज्यादातर दवाएं लोशन और मरहम के रूप में थी।
न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही थी। पीठ ने मद्रास उच्च न्यायलय के जून 2022 के आदेश के खिलाफ चिकित्सक की याचिका पर अपना फैसला दिया। उच्च न्यायालय ने आपराधिक मुकदमा रद्द करने का अनुरोध करने वाली चिकित्सक की याचिका खारिज कर दी थी। गौरतलब है कि याचिकाकर्ता एक वरिष्ठ चिकित्सक हैं जो चेन्नई में एक सरकारी चिकित्सा कॉलेज में त्वचा विज्ञान विभाग के प्रमुख और सहायक प्रोफेसर हैं।