सूखे पर सख्त रुख अपनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि केंद्र सरकार जल्द मनरेगा का पैसा जारी करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है मनरेगा ठीक से लागू नहीं है। कोर्ट की ओर से कहा गया है कि गर्मी की छुट्टियों में भी सूखा प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल की ओर से मिड डे मील योजना के अंतर्गत भोजन उपलब्ध कराया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि जो राज्य फिलहाल बच्चों को भोजन में अण्डा और दूध उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, उनकी उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई जाए।
कोर्ट ने राज्यों से कहा कि कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वन के लिए फूड कमिश्नर नियुक्त किए जाएं और यदि किसी के पास राशन कार्ड नहीं है तो भी उसे अनाज उपलब्ध कराय जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने सूखे पर स्वराज अभियान सूखा राहत मामले में की गई एक याचिका के दौरान सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिए। कोर्ट के इन निर्देशों को ऐतिहासिक बताते हुए याचिकाकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा है कि 'न्यायालय ने रास्ता दिखाया है। क्या केंद्र और राज्य सरकारे, मीडिया और समाज इसका अनुसरण करेगा।'
The apex court has shown the way.
Will the central and state govts, media and society follow it up?
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) May 13, 2016
इससे पहले 11 मई को सर्वोच्च न्यायालय ने देश में सूखे की हालत को लेकर दायर याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि केंद्र सरकार को इससे निपटने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करना चाहिए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट सूखे पर तीन हिस्सों में फैसला सुनाएगा, जिसका आज शुक्रवार को दूसरा फैसला आया है।
बता दें कि बीते साल की तुलना में इस साल हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, ओड़िशा, राजस्थान, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में प्रमुख जलाशयों में जल का स्तर बहुत कम हो गया है। इन राज्यों में सूखे की गंभीर स्थिति है।