सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि 2012 में केरल के मछुआरों की हत्या मामले में आरोपी दो इतालवी नौसैनिकों पर भारत में चल रहा आपराधिक मुकदमा तभी बंद किया जाएगा, जब इटली सरकार पीड़ित परिवार को मुआवजा दे दे।
कहा, मुआवजे की रकम विदेश मंत्रालय में जमा कराएं
मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इटली गणराज्य को कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले के तहत तय की गई मुआवजे की रकम विदेश मंत्रालय द्वारा चिह्नित बैंक खाते में जमा करा दे।
पीठ ने कहा कि इटली सरकार द्वारा रकम जमा करने के एक हफ्ते बाद मंत्रालय को यह राशि सुप्रीम कोर्ट में जमा करवानी होगी। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि जिस खाते में मुआवजे की रकम जमा कराई जानी है, इसके बारे में इटली सरकार को जानकारी दे दी जाएगी।
वहीं, इटली गणराज्य की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सोहेल दत्ता ने कहा कि मंत्रालय के खाते में मुआवजे की रकम जमा करा दी जाएगी। सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को यह भी जानकारी दी कि पीड़ित परिवार ने इटली द्वारा 10 करोड़ रुपये मुआवजे के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। मालूम हो कि दो इतालवी नौसैनिक मैसीमिलियानो लतोरे और सल्वातोर गिरोन पर15 फरवरी, 2012 को केरल के दो मछुआरों की हत्या के आरोप हैं।