गुजरात उच्च न्यायालय ने सीतलवाड़ की नियमित जमानत याचिकाखारिज कर दी थी। उन्हें 2002 के गोधराकांड के बाद हुए दंगों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए सुबूत गढ़ने से जुड़े एक मामले में तत्काल आत्मसमर्पण करने को कहा था। इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की।
सुप्रीम कोर्ट ने सामाजित कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को दी गई अंतरिम सुरक्षा बढ़ा दी है। अगली सुनवाई अब 19 जुलाई को होगी। साथ ही सीतलवाड़ की याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस भी जारी किया और संबंधित पक्षों से 15 जुलाई तक मामले में दस्तावेज दाखिल करने को कहा है।
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तीस्ता सीतलवाड़ पर आरोप
गुजरात उच्च न्यायालय ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की नियमित जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी थी और उन्हें 2002 के गोधराकांड के बाद हुए दंगों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए सुबूत गढ़ने से जुड़े एक मामले में तत्काल आत्मसमर्पण करने को कहा गया था। न्यायमूर्ति निर्जर देसाई की अदालत ने सीतलवाड़ की जमानत याचिका खारिज की और उन्हें तत्काल आत्मसमर्पण करने को कहा था, क्योंकि वह पहले ही अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर हैं।
पिछले साल 25 जून को हिरासत में लिया गया था
गोधरा कांड के बाद हुए दंगों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए कथित तौर पर सबूत गढ़ने को लेकर अहमदाबाद अपराध शाखा पुलिस की ओर से दर्ज एक मामले में सीतलवाड़ को पिछले साल 25 जून को गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक आर बी श्रीकुमार और पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के साथ हिरासत में लिया गया था। अहमदाबाद की एक सत्र अदालत ने 30 जुलाई, 2022 को मामले में सीतलवाड़ और श्रीकुमार की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा था कि उनकी रिहाई से गलत काम करने वालों को यह संदेश जाएगा कि कोई व्यक्ति बिना किसी सजा के आरोप लगा सकता है और बच सकता है।
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इससे पहले उच्च न्यायालय ने 3 अगस्त 2022 को सीतलवाड़ की जमानत याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की थी। इस बीच, उच्च न्यायालय की ओर से उनकी याचिका पर विचार करने से इनकार करने के बाद उन्होंने अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट (एससी) का रुख किया। शीर्ष अदालत ने पिछले साल दो सितंबर को उन्हें अंतरिम जमानत दे दी थी और गुजरात उच्च न्यायालय में उनकी नियमित जमानत याचिका पर फैसला होने तक निचली अदालत में अपना पासपोर्ट जमा करने को कहा था। शीर्ष अदालत ने उनसे मामले की जांच में जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने को भी कहा था। सीतलवाड़ तीन सितंबर को जेल से बाहर आई थीं।