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सुपौल कांड: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कहीं सुरक्षित नहीं हैं बेटियां, सरकार को कुछ करना चाहिए

Mon, 08 Oct 2018 10:03 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट
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बिहार के सुपौल में 35 बच्चियों से मारपीट के मामले पर भौचक सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि बच्चों के साथ आए दिन यौन उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं। बेटियां कहीं सुरक्षित नहीं हैं। ऐसा लगता है कि कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। केंद्र सरकार हालात से निपटने के लिए तत्काल प्रयास करे। 

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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मीडिया में आई खबर का हवाला देते हुए कहा कि जब बच्चियों ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो लड़कों ने 35 बच्चियों से मारपीट की। यह चिंता की बात है। छह महीने की बच्ची के साथ बलात्कार करने की खबर आई है। बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। उधर, मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम को एक बच्ची का कंकाल मिला है। 

महिला व बाल विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव सोमवार को कोर्ट में पेश हुईं। उन्होंने बताया कि बाल यौन उत्पीड़न मामले को लेकर पुनर्वास, बालगृहों में सुविधाएं और बाल संरक्षण नीति पर काम चल रहा है। न्यायमित्र अर्पणा भट्ट ने कहा कि स्कूल हो या शेल्टर होम, बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। सरकार को जल्द बाल संरक्षण नीति लागू करनी चाहिए। अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी। 
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पीठ ने केंद्र को दिए सुझाव
पीठ ने केंद्र को सुझाव दिया है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों की एक संस्था बनाए, जो बच्चों से यौन उत्पीड़न के मामलों पर गौर करे। सरकार ने कहा कि इस बारे में तीन हफ्ते में निर्देश लेकर कोर्ट को अवगत कराया जाएगा। पीठ ने बाल संरक्षण के लिए जल्द अंतरिम दिशानिर्देश जारी करने को कहा है।

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