ऑनलाइन आरटीआई आवेदन के लिए तैयार किए जाने वाले पोर्टल में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को केंद्र व 25 राज्य सरकारों से चार हफ्तों के भीतर मामले में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
दिल्ली के एनजीओ 'प्रवासी लीगल सेल' की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया था कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) एक्ट एक शक्तिशाली हथियार है। इसका उचित लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है, जब समय पर जानकारी हासिल हो। याचिका में यह भी कहा गया है कि आनलाइन आरटीआई पोर्टल बनने से न सिर्फ भारतीय बल्कि एनआरआई भी संबंधित मंत्रालयों से सूचना मांग सकते हैं।
याचिका में बताया गया है कि दिसंबर 2013 में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से आनलाइन आरटीआई व्यवस्था को लागू करने की स्थिति को पता करने को कहा था। मगर महाराष्ट्र और दिल्ली ने ही अभी तक पोर्टल स्थापित किया है।