सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली की सीमाओं पर नाकेबंदी हटाने की मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसान वापस जा चुके हैं और अब इस मामले पर विचार करने का कोई तुक नहीं बनता है। न्यायाधीश एसके कौल और एमएम सुंदरेश की पीठ के सामने जब मामला सुनवाई के लिए आया तो पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा, 'अब आप स्वतंत्र हैं, कहीं भी जाइए, कोई समस्या नहीं है।'
यह याचिका नोएडा की रहने वाली मोनिका अग्रवाल ने दाखिल की थी। उन्होंने कहा था कि नाकेबंदी की वजह से लोगों को दिल्ली सीमा पर स्थित यूपी गेट पर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने याचिका में कहा था कि पहले जहां दिल्ली पहुंचने के लिए 20 मिनट का समय लगता है वहीं नाकेबंदी की वजह से इसमें दो घंटे लग जा रहे हैं। मोनिका ने सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद कहा और अनुरोध किया कि ऐसे निर्देश दें कि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
कानून वापस लिए जाने के बाद लौट चुके हैं किसान
हालांकि, पीठ ने कोई निर्देश जारी नहीं किया और यह कहते हुए याचिका का निपटारा कर दिया कि अब यह मुद्दा विचार योग्य नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में एक साल से अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान अब कानून वापस लिए जाने के बाद लौट चुके हैं। पिछली सुनवाइयों में शीर्ष अदालत ने कहा था कि किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन वह सड़क अवरुद्ध नहीं कर सकते।