सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल सरकार द्वारा सौम्या बलात्कार और हत्या के केस में दी गई क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में दोषी गोविंदाचामी को मृत्युदंड देने की मांग की गई थी।
कोर्ट इससे पहले इस मामले में पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर चुका है। 2011 में 23 साल की सौम्या के साथ हुई इस घटना में 2016 में कोर्ट ने दोषी गोविंदाचामी को फांसी की सजा न देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इसी मामले में पूर्व जस्टिस मार्केंडेय काडजू को भी फैसले पर सवाल उठाने को लेकर अदालत की अवमानना झेलनी पड़ी थी। मामले में सजा सुनाते वक्त कोर्ट ने अभियोजन पक्ष ने गोविंदाचामी को रेप के मामले में दोषी पाया था, जबकि उसे सबूत के अभाव में हत्या के मामले में सजा नहीं सुनाई गई थी। 2011 में गोविंदाचामी ने ट्रेन में सौम्या को अकेला देख उसका रेप करने की कोशिश की थी। खुद को बचाने की कोशिश करते हुए सौम्या ट्रेन से गिर गई थी। दोषी गोविंदाचामी भी ट्रेन से कूद गया था और उसने सौम्या से घायल अवस्था में रेप किया था।