नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद आसाराम की तीसरी दीपावली भी जोधपुर केन्द्रीय कारागार के भीतर ही मनेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
जस्टिस एके सीकरी वाली पीठ ने कहा कि यदि आसराम इलाज कराना चाहते हैं तो वह न्यायिक हिरासत में रहते हुए एम्स, जोधपुर या राजस्थान आयुर्वेदिक अस्पताल में करा सकते हैं। शीर्ष अदालत का यह निर्देश आसाराम के दिल्ली में आयुर्वेदिक इलाज कराने के लिए एक सप्ताह की अंतरिम जमानत की मांग के बाद आया है। सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार के वकील ने कहा कि वे राज्य के अस्पताल में आसाराम को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने को तैयार हैं।
हालांकि, पीठ ने स्पष्ट कर दिया कि अस्पताल में आसाराम के समर्थकों को प्रवेश अनुमति नहीं मिलनी चाहिए और न ही उनसे कोई समर्थक मिलना चाहिए। अदालत ने कहा कि वह आसाराम की नियमित जमानत याचिका पर नवंबर में सुनवाई करेगी। इससे पहले पिछली सुनवाई में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सकों के बोर्ड ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की थी। बोर्ड ने अपने रिपोर्ट में कहा कि आसाराम का स्वास्थ्य स्थिर है।