राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को तारने के लिए एक भगीरथ मां गंगा को पृथ्वी पर लाया था। उसी मां के बुलावे पर काशी को कर्मभूमि बनाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वांचल में ऊर्जा गंगा लाकर दूसरे भगीरथ बने। सोमवार को डीरेका मैदान से न केवल काशी बल्कि पूर्वी भारत की जनता की दशा बदलने का प्रयास किया है।
पीएम का कहना है कि पूर्वी भारत के विकास के बिना देश की तरक्की नहीं हो सकती है। पूर्वांचल से लोगों का पलायन रुकेगा। जब यहां उद्योग धंधे बेहतर होंगे। बिजली व्यवस्था सुधरेगी। घरों में नल की तरह घरेलू गैस की आपूर्ति की जाएगी तो यहीं पर रोजगार करेंगे। इसी के साथ यहां की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पीएम ने जो वादा काशी की जनता के साथ किया था उसे पूरा करने में वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
गेल की जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा प्राकृतिक गैस परियोजना ऊर्जा राजमार्ग पांच राज्यों में ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूरा करेगी। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 40 जिले और 2600 गांव शामिल हैं। इस पाइप लाइन नेटवर्क में पड़ने वाले सात शहरों को प्रदूषण मुक्त करने और सस्ता ईधन उपलब्ध कराने की दिशा में सीएनजी और घरेलू गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें वाराणसी, पटना, जमशेदपुर, कोलकाता, रांची, भुवनेश्वर, और कटक हैं।