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Pegasus Spyware: सुप्रीम कोर्ट की कमेटी कर रही पेगासस मामले की जांच, रिपोर्ट का इंतजार; मीडिया रिपोर्ट के बाद मामले ने फिर पकड़ा तूल 

Sat, 29 Jan 2022 04:50 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश रवींद्रन की देखरेख में एक समिति का गठन किया है। अब समिति की रिपोर्ट का इंतजार है।
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पेगासस जासूसी कांड - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पेगासस सॉफ्टवेयर से जुड़े मामले की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के तहत एक कमेटी कर रही है और इसकी रिपोर्ट का इंतजार है। एक सरकारी सूत्र ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आर वी रवींद्रन की देखरेख में गठित जांच समिति ने 2 जनवरी को एक समाचार पत्र विज्ञापन भी प्रकाशित किया है जिसमें उन लोगों द्वारा फोन जमा करने की अपील की गई जो दावा करते हैं कि उनके फोन की पेगासस से जासूसी हुई। 

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सेवानिवृत्त न्यायाधीश रवींद्रन की देखरेख में एक समिति का गठन
सूत्र ने कहा कि मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में है। अदालत ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश रवींद्रन की देखरेख में एक समिति का गठन किया है। समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्रायली स्पाइवेयर पेगासस और एक मिसाइल प्रणाली 2017 में भारत और इस्रायल के बीच लगभग 2 बिलियन अमरीकी डॉलर के एडवांड हथियारों और खुफिया प्रणाली के केंद्र बिंदु थे।




न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर चौतरफा हमला किया। सरकार पर संसद को धोखा देने, सुप्रीम कोर्ट को धोखा देने, लोकतंत्र का अपहरण करने और देशद्रोह में शामिल होने का आरोप लगाया। एक मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि भारत ने 2017 में एक रक्षा सौदे के हिस्से के तौर पर इस्रायल से पेगासस स्पाइवेयर खरीदा है। 
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कांग्रेस ने कहा कि वह अगले सप्ताह से शुरू हो रहे बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाएगी और संसद के पटल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार से जवाबदेही की मांग करेगी। प्रमुख विपक्षी दल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का स्वत: संज्ञान लेने और सरकार के खिलाफ जानबूझकर और जानबूझकर इसे धोखा देने के प्रयास के लिए उचित दंडात्मक कार्यवाही शुरू करने का भी आग्रह किया।

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