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Supreme Court: चीनी नागरिक को जमानत से अदालत ने इनकार किया; CJI चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा- हाईकोर्ट जा सकते हैं

Tue, 17 Sep 2024 07:11 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आपराधिक मामले में एक चीनी नागरिक को जमानत देने से इनकार कर शीर्ष अदालत में तीन जजों की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट में अपील करने को स्वतंत्र है। सीजेआई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती।
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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड़। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उच्चतम न्यायालय ने एक चीनी नागरिक को जमानत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप 'बहुत गंभीर' प्रकृति के हैं। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने मंगलवार को कहा, अपराध की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल कोर्ट जमानत की मांग करने वाली याचिका पर विचार नहीं करेगी। मुकदमा अभी लंबित है। याचिकाकर्ता छह महीने की अवधि समाप्त होने के बाद उच्च न्यायालय जा सकता है। यह विकल्प खुला है। चीनी नागरिक रायन उर्फ रेन चाओ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 31 जुलाई के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
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चीनी नागरिक की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट की टिप्पणी
रेन चाओ पर वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी देश में रहने और अंतरराष्ट्रीय अपराध रैकेट चलाने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रेन चाओ को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि भारत में कारोबार करने वाले विदेशी नागरिकों को भारतीय कानूनों के तहत जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे शख्स को भारतीय अदालतों में मुकदमे का सामना करने को तैयार रहना चाहिए।

18 महीने से अधिक समय से जेल में है चीनी नागरिक
चीनी नागरिक की ओर से पेश हुए वकील पी एन पुरी ने कहा, आरोपी 18 महीने से अधिक समय से जेल में है। उनकी संक्षिप्त दलीलों को सुनने के बाद सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, यह मामला जमानत का नहीं है। आरोपी छह महीने के बाद नई जमानत याचिका दायर कर सकता है। नई याचिका पर उच्च न्यायालय की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना गुण-दोष के आधार पर फैसला सुनाया जा सकता है। 
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भारतीय अदालतों में मुकदमे का सामना करें विदेशी लोग
गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रेन चाओ को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि भारत में कारोबार करने वाले विदेशी नागरिकों को भारतीय कानूनों के तहत जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे शख्स को भारतीय अदालतों में मुकदमे का सामना करने को तैयार रहना चाहिए।

जुलाई, 2022 में हुई थी गिरफ्तारी
धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे आरोपों के तहत रेन चाओ को  9 जुलाई, 2022 को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने रेन चाओ पर विदेशी अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए थे। एफआईआर के मुताबिक चीनी नागरिक पर ई-एफआरआरओ रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ करने का है। इस प्रणाली के माध्यम से विदेशी नागरिकों को भारत के सरकारी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। यह भारत में वीजा और आव्रजन संबंधी सेवाओं के लिए आवेदन करने की अनुमति देने वाली एक ऑनलाइन प्रणाली है।
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