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SC: IAS पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर आज सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट देगा राहत या फिर रहना पड़ेगा जेल में बंद

Thu, 14 Dec 2023 12:21 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2000 बैच की आईएएस के अधिकारी सिंघल को मनरेगा योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था।
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निलंबित आईएएस पूजा सिंघल, सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मनी लांड्रिंग मामले में जेल में दिन गुजार रहीं झारखंड की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। आज इस याचिका पर सुनवाई होनी है। इससे पहले अदालत ने राहत नहीं दी थी। ऐसे में उनकी दिवाली जेल में ही बीती थी। वहीं, इसी मामले में आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका शीर्ष अदालत ने आज यानी 14 दिसंबर खारिज कर दी। इसके साथ ही उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। बता दें, वह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव थीं।

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यह है मामला
2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी सिंघल को मनरेगा योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। उनके पास झारखंड खनन सचिव का पदभार था और गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। सिंघल अभी न्यायिक हिरासत में हैं और रांची में होटवार जेल में बंद हैं। एजेंसी ने उसके परिसरों पर छापेमारी भी की थी। मामले में सिंघल का पति अभिषेक झा और एक चार्टर्ड एकाउंटेंट भी शामिल थे। उन्हें राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया था।

पति फिलहाल हैं जमानत पर
पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा ने सुप्रीम कोर्ट में झारखंड उच्च न्यायालय के 18 मई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। बाद में, शीर्ष अदालत ने राहत दे दी थी।
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यह था आरोप
अभियोजन पक्ष (ईडी) के मुताबिक, सिंघल से शादी के बाद झा की वित्तीय संपत्ति बढ़ी और कथित तौर पर भ्रष्ट गतिविधियों के जरिए अधिकारी द्वारा अर्जित अपराध की आय और गलत तरीके से अर्जित नकदी उनके बैंक खातों में आने लगी। वहीं, झा ने दावा किया था कि यह धन ऑस्ट्रेलिया में उनकी नौकरी से हुई वैध आय है।

झा की जून 2011 में सिंघल से शादी हुई थी
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में इस बात पर गौर किया कि झा की जून 2011 में सिंघल से शादी हुई थी। हाई-प्रोफाइल आईएएस अधिकारी 16 फरवरी, 2009 से 19 जुलाई, 2010 तक खूंटी जिले की उपायुक्त के रूप में तैनात थीं। 

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था, सार्वजनिक धन के बड़े पैमान पर गबन का पता चला है और खूंटी जिले में अभियोजन की शिकायत के पैरा 1.6 में बताया गया है कि 16 प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं, उस समय पूजा सिंघल उपायुक्त थीं। 16 प्राथमिकियों के मुताबिक गबन की राशि 18.06 थी। सभी 16 प्राथमिकियों को राम बिनोद प्रसाद सिन्हा, आरके जैन और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए थे। 

इसमें कहा गया है कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच में धन शोधन के विभिन्न स्तरों में अपराध की आय का पता चला और इन संपत्तियों पर ब्याज सहित 4.28 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई। आदेश में रांची, चंडीगढ़, कोलकाता, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मुजफ्फरपुर में सिंघल और उनके सहयोगियों से जुड़े लगभग 30 परिसरों में तलाशी और जब्ती अभियान का जिक्र किया गया है, जिसके दौरान आपत्तिजनक दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों के अलावा कुल 19.76 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए थे।

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