बेशकीमती कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन से भारत वापस लाने के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने को कहा है। शीर्ष अदालत ने ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स एंड सोशल राइट्स फ्रंट की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को यह निर्देश दिया है। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वह अगली सुनवाई में इस संबंध में सरकार का पक्ष अदालत के समक्ष रखेंगे।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि कई देश कोहिनूर पर दावा जता रहे हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश ने भी कोहिनूर पर दावा किया है। पीठ ने कहा कि कोहिनूर एक संप्रभु राष्ट्र की कस्टडी में है।
पीठ ने सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार से कोहिनूर के वापस लाने के सरकारी प्रयासों का ब्यौरा देने को कहा।
गौरतलब है कि करीब तीन साल पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने कहा था कि कोहिनूर राजसी ताज में जड़ा है, जिसे वापस नहीं किया जा सकता। माना जाता है कि 105 कैरेट का यह हीरा विश्व के सबसे बड़े हीरों में से एक है।