यह मामला 2002 से लंबित था। इस गवाही से शर्मा नाराज था। सुभाष हत्या के मामले में प्रमुख गवाह है। उन्होंने अपने वकील के जरिये कहा कि उनके परिवार को आरोपी से जान का खतरा है।
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को एक वकील की जान के खतरे का आकलन करने और उसे सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। वकील के पिता की 2020 में दानापुर शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं, आकलन के बाद वकील के परिजनों को भी सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा है।
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सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश वकील सुभाष कुमार की याचिका पर दिया। सुभाष के पिता हरेंद्र कुमार की 2020 में कुलशेखर शर्मा उर्फ भोला सिंह ने हत्या कर दी थी। कुलशेखर हरेंद्र कुमार की मां की हत्या में आरोपी है और हरेंद्र ने ट्रायल के दौरान ट्रायल कोर्ट में शर्मा के खिलाफ गवाही दी थी।
यह मामला 2002 से लंबित था। इस गवाही से शर्मा नाराज था। सुभाष हत्या के मामले में प्रमुख गवाह है। उन्होंने अपने वकील के जरिये कहा कि उनके परिवार को आरोपी से जान का खतरा है। उन्होंने दोनों ही घटनाओं में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपनी याचिका में कहा कि आरोपी पहले ही उनके दो परिजनों की हत्या कर चुका है।