सुप्रीम कोर्ट ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2020 शुरू होने से कुछ घंटे पहले कोरोना संक्रमित छात्र को अगले से आइसोलेशन रूम में परीक्षा देने की अनुमति दी। देश की 22 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए क्लैट-2020 परीक्षा सोमवार दोपहर दो बजे से होनी थी।
जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, तथ्यों को देखते हुए हमें लगता है कि छात्र दीपांश त्रिपाठी को अलग से आइसोलेशन कक्ष में परीक्षा देने की अनुमति दी जा सकती है। छात्र को केंद्र के अधीक्षक को फैसले की डाउनलोड कॉपी किसी अन्य व्यक्ति के हाथों जल्द से जल्द केंद्र के अधीक्षक को मुहैया करानी होगी ताकि वह अलग कक्ष का प्रबंध किया जा सके।
पीठ ने कहा, केंद्र पर छात्र को सबसे बाद में प्रवेश दिया जाएगा और परीक्षा खत्म होने के बाद सबसे पहले केंद्र छोड़ना होगा। केंद्र अधीक्षक जिले के चीफ मेडिकल ऑफिसर या सरकारी अस्पताल के अधीक्षक को जरूरी मदद के लिए मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध कर सकते हैं।
इससे पहले, छात्र ने अपनी याचिका में कहा था कि एनएलयू के कंसोर्टियम के दिशानिर्देशों के मुताबिक, अगर कोई छात्र कोरोना संक्रमित या चिकित्सीय निगरानी में है तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।