काला धन अधिनियम, 2016 के तहत वकील गौतम खेतान के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह मामला इस अधिनियम के अस्तित्व में आने से पहले प्रभावी होने से संबंधित है।
हाईकोर्ट ने 16 मई को खेतान के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर यह कहते हुए अंतरिम रोक लगा दी थी कि प्रथम दृष्टया खेतान की दलीलों में दम है। खेतान का कहना था कि यह अधिनियम 2016 में आया है, लेकिन इसे एक जुलाई, 2015 से प्रभावी बनाया गया है। इसलिए यह अधिनियम गैरकानूनी है। हाईकोर्ट ने केंद्र और आयकर विभाग पर खेतान के खिलाफ कार्रवाई करने पर अंतरिम रोक लगाई थी।
सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती दी है। सोमवार को सरकार की ओर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार की है। पीठ ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए मंगलवार को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।