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Supreme Court: 'माफ करो और आगे बढ़ो', सुप्रीम कोर्ट ने पायलट और पत्नी के विवाद में की टिप्पणी

Sat, 26 Jul 2025 09:33 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : एएनआई (फाइल)
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एक वैवाहिक विवाद के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पति-पत्नी को सलाह देते हुए कहा कि वे दोनों एक दूसरे को माफ कर दें और जीवन में आगे बढ़ें। पति वायुसेना में लड़ाकू विमान का पायलट है, जिन्होंने 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक करने वाली टीम का हिस्सा रहे। वहीं पत्नी भी उच्च शिक्षित है और आईआईएम से स्नातक है। जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने दंपति से कहा कि वे आपसी विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लें।
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वायुसेना अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की टिप्पणी
पीठ ने वायुसेना अधिकारी की याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'तुम बस एक-दूसरे को माफ कर दो, एक-दूसरे को भूल जाओ और आगे बढ़ो। बदले की जिंदगी मत जियो। तुम दोनों जवान हो, और तुम्हारे आगे लंबी जिंदगी है, और तुम्हें एक अच्छा जीवन जीना चाहिए।' यह याचिका वायुसेना अधिकारी ने पत्नी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर को रद्द करने के लिए दायर की थी। अधिकारी ने याचिका में दलील दी कि वह और उसके परिवार के सदस्य उसकी पत्नी और ससुर द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न के शिकार हैं। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा एफआईआर रद्द करने की उसकी याचिका खारिज होने के बाद लड़ाकू पायलट ने शीर्ष अदालत का रुख किया।
 
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राज्य विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे बंगाल के राज्यपाल 
उच्च शिक्षा प्रशासन को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और राजभवन के बीच चल रही खींचतान को लेकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय से इस बारे में स्पष्टता मांगने की योजना बना रहे हैं कि राज्य विश्वविद्यालयों पर अंतिम अधिकार कुलाधिपति (राज्यपाल) के पास है या राज्य सरकार के पास।

शनिवार को राज्यपाल बोस और राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (वीसी) के बीच राजभवन में बैठक हुई। बैठक राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में नौ कुलपतियों ने भाग लिया। कई कुलपतियों ने दावा किया कि उन्हें उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अवरोधों का सामना करना पड़ा, जबकि अन्य ने आरोप लगाया कि उनका घेराव किया गया या परिसर में उन्हें प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। 

इसके बाद बोस ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। कुलाधिपति या सरकार की भूमिका क्या है? यह निर्धारित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा कि राज्य विश्वविद्यालयों पर अंतिम अधिकार किसके पास है - कुलाधिपति (राज्यपाल) या राज्य सरकार।
 
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