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सुप्रीम कोर्ट के 75 वर्ष: CJI बोले- 1.4 अरब लोगों की आकांक्षाओं का प्रतीक, सबसे जीवंत अदालत के रूप में विकसित

Wed, 29 Jan 2025 05:59 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सीजेआई खन्ना ने कहा, सांविधानिक यात्रा शुरू होने के 75 साल बाद, सुप्रीम कोर्ट में बदलाव आया है। फिर भी यह अपने मूल मिशन पर कायम है। यह बदलाव एक गहरी मान्यता को दर्शाता है कि न्याय सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों होना चाहिए। ऐसा करने से, यह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के सांविधानिक वादे को लाखों भारतीयों के लिए एक जीवंत वास्तविकता बनाता है। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह में सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि यह एक सच्चा जन न्यायालय है, जो 1.4 अरब लोगों की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देते हुए दुनिया के सबसे जीवंत सुप्रीम कोर्ट के रूप में विकसित हुआ है। वैश्विक मंच पर हमारे सर्वोच्च न्यायालय को जो चीज अलग बनाती है, वह है एक सच्चे जन न्यायालय के रूप में इसका अनूठा चरित्र।

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सीजेआई खन्ना ने कहा, सांविधानिक यात्रा शुरू होने के 75 साल बाद, सुप्रीम कोर्ट में बदलाव आया है। फिर भी यह अपने मूल मिशन पर कायम है। यह बदलाव एक गहरी मान्यता को दर्शाता है कि न्याय सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों होना चाहिए। ऐसा करने से, यह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के सांविधानिक वादे को लाखों भारतीयों के लिए एक जीवंत वास्तविकता बनाता है। सीजेआई सुप्रीम कोर्ट के हीरक जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित औपचारिक पीठ का हिस्सा थे। शीर्ष अदालत 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के साथ अस्तित्व में आई और 28 जनवरी 1950 को इसका उद्घाटन किया गया। शुरू में इसका काम पुराने संसद भवन से हुआ और 1958 में यह तिलक मार्ग स्थित वर्तमान भवन में स्थानांतरित हो गया।

तीन चुनौतियों पर देना होगा ध्यान
सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की यात्रा ने अधिकारों और पहुंच में उल्लेखनीय विकास को दर्शाया है, लेकिन तीन चुनौतियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सबसे पहले, बकाया राशि का बोझ जो न्याय में देरी करता रहता है। दूसरे, मुकदमेबाजी की बढ़ती लागत से वास्तविक पहुंच को खतरा है। तीसरी और शायद सबसे बुनियादी बात कि न्याय वहां नहीं पनप सकता जहां झूठ का अभ्यास किया जाता है। उन्होंने कहा कि चुनौतियां न्याय की खोज में अगले मोर्चे को चिह्नित करती हैं।

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