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Karnataka: मंत्री केएन राजन्ना के निष्कासन के विरोध में उतरे समर्थक, मधुगिरी में हंगामा, निकाला गया मार्च

Tue, 12 Aug 2025 03:24 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तुमकुरु

सार

कांग्रेस को लेकर दिए गए बयान के बाद सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना से इस्तीफा ले लिया गया था। इसे लेकर उनके समर्थक विरोध में उतर आए। समर्थकों ने राजन्ना को बिना किसी वैध कारण के हटाने के लिए कांग्रेस आलाकमान की निंदा करते हुए नारे लगाए।
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कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के. एन. राजन्ना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक और सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना के सरकार से निष्कासन को लेकर विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को उनके निर्वाचन क्षेत्र तुमकुरु जिले के मधुगिरी में समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। समर्थकों ने अपने नेता के समर्थन में मार्च निकाला। वहीं शहर में जगह-जगह प्रदर्शन हुए। इसके अलावा राजन्ना के खास पार्षद गिरिजा मंजूनाथ ने मधुगिरी नगरपालिका से इस्तीफा दे दिया। 
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कांग्रेस को लेकर दिए गए बयान के बाद सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना से इस्तीफा ले लिया गया था। इसे लेकर उनके समर्थक विरोध में उतर आए। समर्थकों ने राजन्ना को बिना किसी वैध कारण के हटाने के लिए कांग्रेस आलाकमान की निंदा करते हुए नारे लगाए। साथ ही अपने नेता के लिए न्याय की मांग की।

समर्थकों ने मंगलवार दोपहर को बंद का आह्वान भी किया। पुलिस ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की लेकिन गुस्साए समर्थकों ने दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करने पर मजबूर किया। गुस्साई भीड़ ने कुछ दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया और उनके मालिकों और कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की।
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इसलिए हटाए गए राजन्ना
कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने  2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में वोट चोरी के लिए कर्नाटक में अपनी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को कथित तौर पर दोषी ठहराया था। उन्होंने कहा, कर्नाटक में अनियमितताएं तब हुईं जब कांग्रेस सत्ता में थी। यह सब हमारी आंखों के सामने हुआ। इस बयान के बाद कांग्रेस आलाकमान का गुस्सा भड़क गया था। इसके बाद उनको मंत्रिमंडल से हटा दिया गया।

सीएम सिद्धारमैया के करीबी हैं राजन्ना
बता दें कि सीएम सिद्धारमैया के करीबी और राज्य सरकार में मंत्री केएन राजन्ना पिछले दो महीनों से चर्चा में थे जब उन्होंने दावा किया था कि 'अगस्त क्रांति' होगी, जिससे सरकार में बड़े उलटफेर का संकेत मिलता है। वहीं इससे पहले केएन राजन्ना ने कथित मतदाता सूची में हेराफेरी पर पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे। राजन्ना ने कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं पर सवाल करते हुए है कि, जब सूची तैयार की गई थी और उसमें अनियमितताएं थीं, तो इसकी शिकायत क्यों नहीं की गई? 
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