सुनीता केजरीवाल के पक्ष में लोग
सोशल मीडिया पर उनको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं। आम आदमी पार्टी की विचारधारा के समर्थक लोगों का कहना है कि सुनीता केजरीवाल ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। रामलीला मैदान में बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं के होते हुए भी जिस तरह उन्होंने अपनी बात बिना किसी हिचकिचाहट के रखी है, उससे उनमें अच्छी नेता बनने की संभावनाएं साफ दिखाई पड़ जाती हैं। लोगों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल के जमानत पर आने तक सुनीता केजरीवाल के हाथों में पार्टी की कमान सौंप देनी चाहिए। अनेक लोगों का मानना है कि एक टॉप अफसर रहीं सुनीता केजरीवाल एक अच्छी नेता साबित हो सकती हैं।
हमले भी शुरू
अरविंद केजरीवाल या आम आदमी पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री के इस्तीफे या सुनीता केजरीवाल की राजनीतिक भूमिका पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी है, लेकिन उन पर अभी से राजनीतिक हमले शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी भूमिकाओं को लेकर कई टिप्पणी भी की जा रही है।
भाजपा ने लगाया आरोप
भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा सुनीता केजरीवाल के मामलों में लगातार व्यंगात्मक टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को अगला मुख्यमंत्री बनाने के लिए शराब घोटाले में आतिशी मार्लेना और सौरभ भारद्वाज का नाम ले लिया है। इसके पहले उन्होंने सुनीता केजरीवाल के एक वीडियो पर व्यंग करते हुए कहा था कि अपनी आंखों को बंद करने के बाद भी वे अरविंद केजरीवाल को नहीं देख पा रहे हैं। उन्होंने पूछा था कि क्या सुनीता भाभी झूठ बोल रही हैं।
क्यों छा गईं सुनीता केजरीवाल?
दरअसल, 31 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने बहुत प्रभावशाली तरीके से बचाव किया। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले में अभी तक कुछ नहीं बरामद हुआ है, लेकिन सबूत न होने के बाद भी उन्हें हिरासत में रखा जा रहा है। जिस तरह विपक्ष के ज्यादातर नेताओं ने उनसे सहानुभूति दिखाई उससे भी आम आदमी पार्टी को लाभ मिल सकता है। सुनीता केजरीवाल ने पहले दो प्रेस कांफ्रेस कर अपनी बात रखी थी और तीसरी बार में वे विपक्षी दलों की राजनीति के सबसे महत्त्वपूर्ण मंच पर जा पहुंचीं। इसे उनकी तेजी से बढ़ती राजनीतिक शख्सियत के रूप में देखा जा रहा है।