पूर्व टीवी एंकर और निर्माता सुहैब इलियासी ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उन्हें अपनी पत्नी की हत्या में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पूर्व टीवी सीरियल प्रोड्यूसर सुहैब इलियासी को पत्नी अंजू की हत्या के लिए दिल्ली कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बीते साल दिसंबर में मामले में 17 साल बाद फैसला आया था। कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसके मल्होत्रा ने फैसले में कहा था कि सभी तथ्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष इलियासी पर आरोप साबित करने में सफल रहा है।
अदालत ने इलियासी के इस तर्क को खारिज कर दिया था कि उन्हें फर्जी तरीके से फंसाया गया है। 12 अगस्त 2014 को हाईकोर्ट ने सुहैब के खिलाफ पत्नी अंजू की हत्या का केस चलाने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि अंजू की दो बहनों के बयानों को देखने के बाद प्रथम दृष्टया सुहैब के खिलाफ हत्या का मामला बनता है। बता दें कि अंजू की 11 जनवरी 2000 को उसके मयूर विहार स्थित फ्लैट में हत्या कर दी गई थी।
इलियासी का तर्क था कि उसने आत्महत्या की है, जबकि अंजू की मां व उसकी दो बहनों ने शपथ पत्र सहित बयान दिया था कि अंजू ने उन्हें कई बार फोन कर बताया था कि इलयासी कभी भी उसकी हत्या कर सकता है। 28 मार्च 2000 को पुलिस ने सुहैब को गिरफ्तार किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। निचली अदालत ने 29 मार्च 2011 को सुहैब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के तहत आरोप तय किए थे।
'India's Most Wanted' का एंकर सुहैब इलियासी पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया गया था, कोर्ट के मुताबिक इलियासी ने कैंची से अपनी पत्नी का मर्डर किया। इसी आदेश को सुहैब की सास रुकमा सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने हत्या, सुबूत मिटाने सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने की मांग की थी।
हैब इलिहासी को 90 के दशक में भारत में टेलीविजन पर क्राइम बेस्ड रियलिटी शो इंडिया’ज मोस्ट वांटेड की शुरुआत करने वाले के तौर पर जाना जाता है। एक निजी टीवी चैनल पर दिखाए जाने वाले इस शो में इलियासी अपराध और अपराधियों को टीवी पर दिखाते थे।