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दिखाए तेवर: सुब्रमण्यम स्वामी बोले-मुद्दों से भटकी भाजपा तो खुले तौर पर करूंगा आलोचना, शाह पर तंज

Fri, 09 Apr 2021 09:44 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • उत्तराखंड सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए स्वामी ने कही यह बात
  • राज्य के 51 मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाएगा
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Subramanyam swami - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को तेवर दिखाए। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के एक ताजा फैसले को लेकर कहा कि मुद्दों से भटकी पार्टी तो खुले तौर पर आलोचना करूंगा। उन्होंने अमित शाह पर तंज करते हुए यह भी कहा कि गडकरी व राजनाथ सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल में पार्टी फोरम पर बात होती थी, लेकिन अमित शाह के अध्यक्ष बनने के बाद बाद चीजें बदली हैं। 
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तीरथ सिंह रावत के निर्णय का स्वागत
दरअसल स्वामी ने यह बात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के फैसले का स्वागत करते हुए कही। रावत ने अपने पूर्ववर्ती सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक बड़े फैसले को पलटने की घोषणा की है। 
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सरकारी नियंत्रण से मुक्त होंगे बदरी, केदार समेत 51 मंदिर
मुख्यमंत्री रावत ने कहा है कि राज्य के केदारनाथ, बदरीनाथ समेत 51 प्रमुख मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करेंगे। स्वामी ने उनके इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि यही कारण है कि भाजपा का भविष्य बाकी दलों से बेहतर है। 

हरिद्वार में शराब बिक्री पर पाबंदी
इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हरिद्वार में कहा कि देवस्थानम बोर्ड पर सरकार पुनर्विचार करेगी। साथ ही बोर्ड में शामिल 51 मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने कुंभनगरी में शराब बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की घोषणा भी की। 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को हरिद्वार के भूपतवाला स्थित अखंड परम धाम आश्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड पर सरकार गंभीरता से पुनर्विचार करेगी।
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फिलहाल बोर्ड में शामिल किए गए 51 मंदिरों को मुक्त कर दिया जाएगा। जल्दी ही चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों की बैठक भी बुलाई जाएगी और सरकार उनके अधिकार को छिनने नहीं देगी। शंकराचार्यों द्वारा प्राचीनकाल से जो व्यवस्था की गई है उसी का पालन किया जाएगा। उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होगी और न ही किसी के अधिकारों में कटौती होगी।

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