नॉर्थ ईस्टर्न के नेटवर्क साइंस इंस्टीट्यूट के निदेशक एलेसेंड्रो वेस्पिग्नानी ने कहा कि टीका की असमानता से हजारों लोगों की जान चली गई। इंडोनेशिया में 1.49 लाख, रवांडा में 17 हजार लोगों की मौत के बाद टीका उपलब्ध कराया।
कोरोना रोधी टीका की अगर समय पर समान पहुंच होती तो महामारी से काफी लोगों की जिंदगियों को बचाया जा सकता था। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि कम आय वाले करीब 20 देशों को समय पर टीका मिलने से 5.18 लाख यानी 50 फीसदी मौतों को रोका जा सकता था।
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मेडिकल जर्नल नेचर में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, अंगोला, केन्या, घाना, कोटे डी आइवर, मोजाम्बिक, युगांडा, रवांडा, जाम्बिया, मिस्र, मोरक्को, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, बोलीविया, अल सल्वाडोर, होंडुरास, फिलीपीन और किर्गिस्तान को समय पर टीका मिलने से काफी फायदा हो सकता था।
नॉर्थ ईस्टर्न के नेटवर्क साइंस इंस्टीट्यूट के निदेशक एलेसेंड्रो वेस्पिग्नानी ने कहा कि टीका की असमानता से हजारों लोगों की जान चली गई। इंडोनेशिया में 1.49 लाख, रवांडा में 17 हजार लोगों की मौत के बाद टीका उपलब्ध कराया। अक्तूबर 2021 तक जहां उच्च आय वाले देशों में प्रत्येक व्यक्ति को टीके की एक खुराक तो कम आय वाले देशों में प्रत्येक 100 व्यक्तियों के लिए एक से चार खुराकें ही उपलब्ध थीं।