सर सैयद अहमद खां के चमन का बुलबुल बनने के लिए बच्चे बेताब हैं। इसका अहसास कक्षा 6 में दाखिले के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में हुआ। 300 सीट के विरुद्ध 10989 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए। यानी एक सीट के लिए करीब 37 छात्रों के बीच कांटे का मुकाबला है। रविवार को एएमयू में 22 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा का आयोजन सुबह 10 से 12 बजे के बीच किया गया।
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नसीमा खातून अपनी बेटी सानिया खातून के साथ निवासी बलिया यूपी।
- फोटो : अमर उजाला
सुबह 9 बजे से ही गर्ल्स कॉलेज एवं एएमयू गर्ल्स हाईस्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी कैंपस में बच्चे एवं अभिभावकों की भीड़ नजर आने लगी। कई स्थानों पर तो परीक्षा खत्म होने के बाद जाम का नजारा देखने को मिला। परीक्षा के दौरान अभिभावकों के बैठने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा केंद्रों के पास कुर्सी एवं टेंट आदि का इंतजाम किया गया था। डिप्टी कंट्रोलर डॉ. रिजवान ने बताया कि 22 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
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सर सैयद के चमन का बुलबुल बनने के लिए बच्चे बेताब
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सानिया खान कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा के साथ निवासी बहराइच लखनऊ।
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11804 अभ्यर्थियों में से 10989 परीक्षा में शामिल हुए। 815 बच्चे अनुपस्थित रहे। परीक्षा कंट्रोलर प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि कक्षा छह में कुल 300 सीट हैं। कंट्रोलर आफिस के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि पिछले वर्ष परीक्षा में करीब 8400 बच्चे शामिल हुए थे। कक्षा छह की प्रवेश परीक्षा में इतने बच्चे पहले कभी शामिल नहीं हुए।
सर सैयद के चमन का बुलबुल बनने के लिए बच्चे बेताब
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अनम चॉद निवासी उस्मान पाड़ा।
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मुरादाबाद के मो. जीशान एवं नवेद अपने अब्बू के साथ कक्षा छह में दाखिला के लिए प्रवेश परीक्षा देने आए थे। जीशान के माता-पिता ने अलीगढ़ में रखकर उर्दू, अंग्रेजी समेत अन्य विषयों की तैयारी कराई है। वहीं नवेद ने अमरोहा में रहकर एएमयू में दाखिला की तैयारी एक कोचिंग संस्थान में की। जीशान एवं नवेद के अब्बू का कहना है कि उनके बच्चे को दाखिला मिल गया तो जीवन संवर जाएगा।
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एएमयू अब्दुल्ला कालेज में कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा देकर बाहर निकलते बच्चे।
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ऐसी ही उम्मीद लिए अलीगढ़ ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के बलिया, बहराइच, गोरखपुर से लेकर बिहार एवं दूसरे प्रदेश के बच्चे अपने अभिभावक के साथ आए थे। बलिया की नसीमा खातून कहती हैं कि बेटी की शिक्षा के लिए देश में एएमयू से अच्छा कोई संस्थान नहीं है। यहां उनकी बेटी सुरक्षित रहेगी और पढ़ लिखकर हमलोगों का नाम रौशन करेगी।