जो छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें पहले नीट पास करना होगा। सरकार इस प्रवेश परीक्षा को सब के लिए अनिवार्य करना चाहती है, ताकि केवल निपुण छात्र ही इसका फायदा उठा सकें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह प्रस्ताव अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि विदेश जाकर डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले बमुश्किल 15 फीसदी छात्र ही फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजीई) किसी तरह पास कर पाते हैं।
विदेश से डिग्री लेने वाले जो छात्र इस परीक्षा को पास नहीं करते उन्हें प्रैक्टिस की इजाजत नहीं दी जाती। इस परीक्षा को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया आयोजित करती है।
अभी देश में जो छात्र सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेजों में इसकी पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा पास करनी पड़ती है। यह नियम 2016 में लागू हुआ है।