संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर पूरा विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर कई आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने संसद के आगामी मानसून सत्र से प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया और वहीं छात्रों को जेईई (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) और एनईईटी (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) के पेपर देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
प्रश्नकाल के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी, कोविड -19 का हवाला देते हुए प्रश्नकाल में जवाब नहीं देंगे, दूसरी तरफ आप छात्रों को जेईई और एनईईटी में सवालों के जवाब देने के लिए कह रहे हैं। यही उनका शासन है।
ओवैसी ने कहा कि हमें नहीं पता कि कोविड-19 संकट और पूर्वी लद्दाख में क्या काम हो रहा है, इस पर सवाल नहीं उठा सकते हैं, क्योंकि प्रश्नकाल स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने बहुमत के साथ अध्यादेश ला सकती है और उन्हें कानून बना सकती है।
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि एक आदर्श स्थिति में सदन में प्रश्नकाल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई देशों के प्रधानमंत्री कोरोना वायरस से संबंधित मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रें स कर रहे हैं, जबकि मोदी सिर्फ वीडियो संदेश दे रहे हैं।