मणिपुर के काकचिंग जिले के पुराने स्कूलों में से एक क्रिश्चन मिशनरी स्कूल में शुक्रवार को आग लग गई। ऐसा छह छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के बाद हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्कूल के प्रिंसिपल फादर डोमिनिक का कहना है, "सभी दस कमरे नष्ट हो गए हैं। जिनमें से दो में जरूरी कागजात, फाइल और उपकरण भी थे।"
स्कूल को संदेह है कि जिन छात्रों को निष्कासित किया गया था, उन्होंने ही स्थानीय संगठन के साथ मिलकर ये साजिश रची। स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है, "हमें ऐसा लगता है कि आग लगने का कारण स्थानीय छात्र संगठन के साथ की गई बातचीत हो सकती है, क्योंकि उन्हें छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पसंद नहीं थी। वो चाहते थे कि सजा वापिस ले ली जाए।"
इस स्कूल में करीब 1400 बच्चे पढ़ाई करते हैं। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तब की गई जब इनमें से एक छात्र ने सोशल मीडिया पर शिक्षक और स्कूल को बदनाम करने की कोशिश की। प्रिंसिपल का कहना है कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई बीते हफ्ते की गई थी लेकिन छात्रों को कक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दे दी गई थी।
मणिपुर सरकार में मंत्री लेतपाओ हाओकिप ने दावा करते हुए कहा है, "ये चरमपंथियों का काम है। एक छात्र संगठन ने स्कूल को जलाया है।" उन्होंने आगे कहा कि इसमें जो भी शामिल है, उसे सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वह स्कूल के पुर्ननिर्माण में मदद करेंगे ताकि छात्रों को शैक्षणिक वर्ष में कोई नुकसान ना हो।