कर्नलगंज थाना क्षेत्र स्थित कचहरी परिसर शुक्रवार को दोपहर बाद करीब सवा चार बजे जोरदार धमाके से दहल गया। अधिवक्ताओं के कक्ष के सामने गलियारे में कूड़े के ढेर में हुए इस विस्फोट से दो अधिवक्ता घायल हो गए। घटनास्थल के आस-पास के तीन अधिवक्ता कक्षों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर होकर दूर जा गिरे। धमाके से परिसर में भगदड़ मच गई।
दो अधिवक्ताओं को आईं चोटें, तीन कमरों की खिड़कियों के चकनाचूर हो गए शीशे
अधिवक्ता अपने-अपने कक्ष से बाहर निकल आए। घायलों को अधिवक्ताओं ने ही आनन-फानन में बेली अस्पताल पहुंचाया। डीएम और एसएसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। बम और डॉग स्क्वाड के साथ फॉरेंसिक टीम बुलाई गई। जांच टीमों ने मौके से साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस और जांच टीमों को प्रारंभिक जांच में विस्फोटक होने के सुबूत नहीं मिले हैं।
मौके पर पहुंचे बम और डॉग स्क्वाड दस्ते ने खंगाले साक्ष्य
सदर तहसील के ठीक सामने तीन मंजिला शहीद लाल पदमधर अधिवक्ता कक्ष के तीसरे तल पर कक्ष संख्या 33 के सामने कूड़े के ढेर में आग लगाने के दौरान विस्फोट हो गया। धमाके के समय उक्त कमरा बंद था लेकिन खिड़की पर लगे शीशे चकनाचूर होकर चारों ओर बिखर गए। इसमें दो अधिवक्ता मनोज दुबे और जगत बिहारी लाल कांच धंसने से घायल हो गए। जिस कक्ष के सामने धमाका हुआ वह शासकीय अधिवक्ता सुनील कुमार वैश्य के नाम आवंटित है।
कक्ष संख्या 32 और 31 की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। धमाके के बाद अधिवक्ताओं में भगदड़ मच गई। इस भवन के साथ चौरासी खंभे में बैठे अधिवक्ता भी परिसर से निकल भागे। घटना स्थल पर डीएम सुहास एलवाई और एसएसपी आकाश कुलहरि फोर्स के साथ पहुंचे और जायजा लिया। विस्फोट स्थल के साथ-साथ पूरे परिसर में डॉग और बम स्क्वाड दस्ते को दौड़ाया गया। एसएसपी आकाश कुलहरि के मुताबिक प्रारंभिक जांच में विस्फोटक होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। कहा कि अब फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है।
बोतलों में गैस भरने से विस्फोट की आशंका
घटना स्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और जांच टीमों का कहना था कि कूड़े के ढेर में कुछ बोतलें मिली हैं। जांच टीमों ने आग लगने के बाद इन्हीं बोतलों में गैस भरने से विस्फोट होने की संभावना जताई है। हालांकि मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं ने पुलिस और जांच टीमों के इस निष्कर्ष पर सवाल उठाया और उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
जगह-जगह लगे हैं कूड़े के ढेर
अधिवक्ताओं के बैठने के लिए बने जिस तीन मंजिला भवन में विस्फोट हुआ वहां जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ था। यह देख जांच टीमें भी सकते में आ गईं। इसके बाद अधिकारियों ने ऐसे सभी कूड़े ढेरों को बम और डॉग स्क्वाड टीम से खंगलवाया। अधिवक्ताओं ने कहा कि परिसर में गंदगी को लेकर कई बार शिकायत की गई लेकिन जिम्मेदार विभाग और उसके अधिकारी इस ओर से मुंह फेरे बैठे हैं।